केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने इम्पेक्ट अस्सेस्मेंट के लिए किए गए नोटिफिकेशन २००६ के तहत जनसुनवाई के जो प्रावधान तय किए हैं उसका घोर उल्हंगन निजी कंपनी को कोल ब्लाक के आबंटन में नज़र आता है, वहीं इस मामले में कंपनी ने अपनी जो इम्पेक्ट अस्सिस्मेंट समरी प्रस्तुत की है उसमें भी इस से सम्बंधित महत्वपूर्ण पॉइंट का उल्लेख नही किया है ! जानकारी के मुताबिक कोल ब्लाक के १० किलोमीटर के दायरे में पर्यावरणी एरिया नही होना चाहिए ! इसी तरह इस दायरे में बिओस्फियर, नेशनल पार्क, विल्ड लाइफ सेंचुरी, एलिफेंट रिज़र्व, प्रोटेक्ट फॉरेस्ट, नही आना चाहिए ! टर्म्स ऑफ़ रेफरेंस, जिसके तहत ही इम्पेक्ट अस्सिस्मेंट रिपोर्ट तैयार की जानी है एवं उपरोक्त तथ्य का भी उल्लेख करना है ! किंतु कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में इन बातों को छिपाते हुए गुमराह करने का प्रयास किया है ! आबंटित कोल ब्लाक के १० किलोमीटर के दायरे में प्रस्तावित हांथी अभ्यारण आ रहा है ! भविष्य में मदनपुर-श्यांग एरिया में भी कोल ब्लाक का आबंटन प्रस्तावित है ! लिहाज़ा एलेफेंट रिज़र्व प्रोजेक्ट के लिए मार्किंग एरिया कोयला खदानों से घिर जाएगा !
उक्त सारा खेल निजी कंपनी को लाभ पहुचाने के लिए किया जा रहा है ! निजी कंपनी के दबाव में उसे लाभ पहुचाने के लिए शासन प्रसाशन के आकाओ ने एक खेल खेला